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बालिकाउप्पर यौन हिंसा बह्रटी, असुरक्षित बन्टी सार्वजनिक स्थल

बालिकाउप्पर यौन हिंसा बह्रटी, असुरक्षित बन्टी सार्वजनिक स्थल

बालिकाउप्पर यौन हिंसा बह्रटी, असुरक्षित बन्टी सार्वजनिक स्थल

धनगढी, २२ जेठ । सुदूरपश्चिम प्रदेशके कैलाली जिल्लाके यौन हिंसाके घटना बह्रटी डेखल बा । ओरेक नेपालसे (जनवरी–मार्च २०२५)मे कुल लैङ्गिक हिंसाके ३८ प्रतिशत यौन हिंसा रहल तथ्याङ्कले बालिका ओ महिलाउप्पर हुइना हिंसाके अवस्था गम्भीर रहल डेखल हो ।

महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक)के प्रदेश संयोजक सपना थापासे तयार पारल लैंङ्गिक हिंसा सम्बन्धी सुदूरपश्चिम प्रादेशिक प्रतिवेदन (जनवरी–मार्च २०२५ सम)मे बालिकाउप्पर हुइना यौन हिंसा बह्रटी क्रममे ओ सार्वजनिक स्थल असुरक्षित बन्टी गैल डेखल जनागिल बा ।

१८ वर्ष टरेक बालिकाउप्पर हुइना हिंसा (१८ प्रतिशत) ओ ५४ प्रतिशत घटना वैवाहिक बलात्कारसँग सम्बन्धित हुइना, महिलाके स्वायत्तता ओ सहमतिमे आधारित सम्बन्धप्रति समाजके दृष्टिकोण अभिन गम्भीर चुनौतीपूर्ण डेखल बा । जनवरीसे मार्च, २०२५ मे सुदूरपश्चिम प्रदेशके कैलाली जिल्लासे लैङ्गिक विभेदमे आधारित हिंसाके कुल ३४ ठो घटना अभिलेखिकरण करल बा । जेम्ने यौन हिंसा ३८ प्रतिशत अर्थात १३ ठो घटना यौन हिंसाके रहल बा । जेम्ने बलात्कार २३ प्रतिशत (३ ठो), सामुहिक बलात्कार १५ प्रतिशत (२ ठो), बलात्कारके प्रयास ८ प्रतिशत (१ जाने) ओ बैवाहिक बलात्करके घटना ५४ प्रतिशत (७ ठो) घटना तथ्याङकमे डेखल बा ।

चिन्ताजनक कहल विद्यालयजैसिन सार्वजनिक स्थान, जहाँ बालिका सुरक्षित हुईपर्ना हो, वहाँ यौन हिंसा हुइना ओ उ घटनाहे कानूनी प्रक्रिया सट्टा सामुदायिक मिलापत्रमार्फत टुंग्यइना प्रवृत्ति बह्रल जनागिल बा । यिहीसे एकओर बालिकाके न्यायप्राप्तीके अधिकार बञ्चित कराइठ कलेसे दुसर ओर ओइनके आत्मबल, शिक्षा ओ सार्वजनिक जीवनमे सक्रिय सहभागितामेफे प्रत्यक्ष असर पुगैना करल जनागिल बा ।

कैलाली जिल्लामे एक विद्यालयमे पह्रना ७ वर्षीय बालिकाहे उहे विद्यालयमे अध्ययनरत बालकसे गैल चैत्रमे विद्यालय छुट्टी हुके सक्कु जाने निकरसेकल ओ बालिका ऐक्केली कक्षा कोठामे रहल मौका छोपके बालिकाहे कक्षा कोठामे बलात्कार करल घटना बाहिरल रहे । बालिका विद्यालय छुट्टी पाछे घरे जाके रगताम्य अवस्थामे डाई डेखके पुछेबेर अपन उप्पर अपने स्कुलमे पह्रना लउण्डा जवरजस्ती करल कहलपाछे पीडितके डाई विद्यालयमे जाके शिक्षक, बिद्यालय व्यवस्थापन समिति ओ प्रहरीमे न्यायके माग करल रहिट । पीडकहे अपने गाउँघरके रहल ओ आरोपितके भविष्य बिग्रन कहटी टमान प्रलोभन डेखैटी गाउँमे मिलैना प्रयास हुइल रहे ।

टमान संघसंस्थाके पहलमे बालिकाहे सुरक्षित स्थानमे धारके बल्ल तल्ल न्यायिक प्रकृया आघे बह्रल हुइलेसेफे न्याय पैना नैपैना अन्योलता रहल जनागिल बा ।

ओस्टेक करके कैलाली जिल्लाके दुसर विद्यालयमे एक शिक्षकसे दुई छात्राउप्पर करल बलात्कारके प्रयासके घटना बाहेर आइल । यी घटनामेफे विद्यालय ओ अभिभावकबीचके छलफलमे दुई पक्ष बीच मिलापत्र कैगिल रहे । विद्यालय व्यवस्थापन समितिके विज्ञप्ती, आरोपित शिक्षक स्वयम्से डेहल स्पष्टीकरण ओ विद्यालय व्यवस्थापन समितिके पुनः स्पष्टीकरण पुछल विज्ञप्ति स्थानीय मिडियामे अइलेसेफे यी घटना कानूनी प्रक्रियामे गैल नैहो ।

यी दुनु घटना जघन्य प्रकृतिके हुइट । विद्यालय जौन विद्यार्थीके लाग सबसे सुरक्षित थलो हुई पर्ना हो, उहे ठाउँ असुरक्षित बनल बा । विशेष करके बालिकाके लाग यी अवस्था आउर चिन्ताजनक रहल ओ शिक्षक जैसिन जिम्मेवार व्यक्तिसे यौन दुव्र्यवहार हुइना अवस्था ओ विद्यालय परिसरमे यैसिन जघन्य अपराध हुइबेरफे न्यायिक प्रक्रिया आघे बह्रे नैसेक्ना गम्भीर विषय हो ।
सार्वजनिक स्थलमे हुइना यौन हिंसाहे व्यक्तिगत घटनाके रुपमे केल्ह नैलेके, संरचनागत समस्याके रुपमे लेके सम्बोधन नैकरटसम दीर्घकालीन समाधान सम्भव नैरहल प्रदेश संयोजक थापा जनैली ।

पछिल्का समय सुदूरपश्चिम प्रदेशके कैलाली जिल्लामे यौन दुव्र्यवहार ओ बलात्कारके घटना बह्रटी गैल तथ्य ओरेकसे दस्तावेजिकण करल तथ्याङ्कले पुष्टि करले बा । दस्तावेजिकरण हुइल घटनाहे हेरेबेर विद्यालय जैसिन सुरक्षित हुई पर्ना ठाउँमे समेत बालिकाहुक्रे असुरक्षित अवस्था डेखल बा । समुदायमे घटल बलात्कार जैसिन जघन्य अपराधके घटना प्रायः गुपचुप धारके गाउँमे मिलापत्र कैना ओ जिल्लासम आपुगल घटनाफे टमान तवरसे दवैना प्रवृत्ति रहल बा । ओरेकसे यैसिन घटनाहे अत्यन्त गम्भीरताके साथ लेहल बा ।

राज्य, समुदाय, विद्यालय ओ न्यायिक संयन्त्र सक्कु मिलके सुरक्षित, उत्तरदायी ओ बालिकामैत्री वातावरण निर्माणमे प्रतिबद्ध हुइना आजके आवश्यकता हो । हिंसाहे सामान्यीकरण कैना पितृसत्तात्मक सोच ओ शक्ति संरचनाके आलोचनात्मक विश्लेषण करके, लैङ्गिक समानता, सम्मानजनक सम्बन्ध ओ यौन शिक्षा प्रारम्भिक तहसे सिखैना पाठ्यक्रम परिमार्जन हुइना जरुरी बा ।
प्रभावित मैत्री न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित कैना संरचनागत सुधार, सेवा प्रदायक निकायके उत्तरदायित्व ओ राज्यके राजनीतिक प्रतिबद्धता अपरिहार्य रहल संयोजक थापा बटैली ।

महिला पुनस्र्थापना केन्द्र (ओरेक) महिला तथा किशोरी अधिकार स्थापनार्थ निरन्तर तथ्यगत पैरवी करटी आइल बा । संस्थासे टमान सामुदायिक संस्था, महिला समूह, सञ्जाल, युवा तथा किशोरी समूहसंगके समन्वयमे महिला तथा किशोरीउप्पर हुइना हिंसाके घटना सङ्कलन, व्यवस्थापन तथा अभिलेखन करके विश्लेषणात्मक प्रतिवेदन प्रकाशन करटी आइल बा । यिहे क्रममे संस्थासे अपन कार्यालयमे आइल ओ फिल्डसे संकलित घटनाके तथ्याङ्कहे त्रैमासिक प्रेस विज्ञप्तीमे समावेश करटी आइल बा ।

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